यह मनुष्य जीवन 84 लाख योनियों को पार करने के बाद बड़े ही भाग्य से प्राप्त होता है इसे धर्म कर्म के मार्ग से सार्थक कर लेना चाहिए महंत मुमताज उर्फ ममता